संचालनालय स्थानीय निधि संपरीक्षा

मध्य प्रदेश सरकार

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संचालनालय, स्थानीय निधि संपरीक्षा की स्थापना दिनांक 02.12.1955 में वित्‍त विभाग के प्रशासकीय नियंत्रण में की जाकर महालेखाकार कार्यालय ग्वालियर द्वारा सम्पादित स्थानीय निकायों के संपरीक्षा कार्य को इसमें स्थानांतरित किया गया। स्‍थानीय निकायों के लेखों की संपरीक्षा हेतु म.प्र.स्थानीय निधि संपरीक्षा अधिनियम 1973 एवं इसके तहत म.प्र.स्थानीय निधि संपरीक्षा नियम 1974 प्रभावशील किये गये। इस अधिनियम के अनुसार म.प्र.शासन द्वारा समय-समय पर अधिसूचित, स्थानीय, निगमित एवं अनिगमित निकायों के लेखों की संपरीक्षा का संपादन संचालनालय द्वारा किया जाता है। इन निकायों के लेखों की संपरीक्षा, आवासीय, संवर्ती अथवा पश्चातवर्ती संपरीक्षा प्रणाली के माध्यम से संपादित की जाती है। स्‍थानीय निकायों के लेखों की संपरीक्षा सम्‍पादन हेतु म.प्र.स्‍थानीय निधि संपरीक्षा विभागीय नियमावली 1981 प्रभावशील की गयी है। इन स्थानीय निकायों के लेखों की संपरीक्षा के साथ-साथ इनके अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतन निर्धारण प्रकरणों का अनुमोदन भी अधीनस्थ क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा किया जाता है। साथ ही कतिपय नगर पालिक निगम के अधिकारियों/कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों में प्रमाण पत्र भी जारी किए जाते है।

13 वें वित्‍त आयोग की अनुशंसा के आधार पर (i) म.प्र.नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 130 (ii) म.प्र.नगर पालिका परिषद अधिनियम 1961 की धारा 122 एवं म.प्र.पंचायतराज एवं ग्राम स्‍वराज अधिनियम 1993 की धारा 129, प्रतिस्‍थापित कर प्रदेश की नगरीय स्‍थानीय एवं ग्रामीण निकायों के लेखों की संपरीक्षा, भारत के नियंत्र‍क तथा महालेखापरीक्षक के पर्यवेक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन में संचाल‍क, स्‍थानीय निधि संपरीक्षा को संपादित करने तथा संचाल‍क, स्‍थानीय निधि संपरीक्षा का वार्षिक संपरीक्षा प्रतिवेदन विधानसभा पटल पर रखे जाने का प्रावधान किया गया।

Last Updated On:14 Jan, 2022 11:47:11